जयपुर, उदयपुर, गोवा जैसी जगहें डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए हमेशा से पॉपुलर रही हैं, लेकिन डेस्टिनेशन वेडिंग सिर्फ खूबसूरत लोकेशन चुनने से नहीं बनती। इसमें मेहमानों का ट्रैवल, ठहरने की व्यवस्था और लोकल वेंडर कोऑर्डिनेशन, सब कुछ एक्स्ट्रा प्लानिंग मांगता है।
बजट का सच
डेस्टिनेशन वेडिंग का बजट 25 लाख से शुरू होकर 1.2 करोड़ रुपये तक जा सकता है, वेन्यू, कैटरिंग, डेकोर और छिपे हुए चार्ज के हिसाब से। सबसे बड़ा छिपा खर्च मेहमानों के ट्रैवल और स्टे में सब्सिडी देने का होता है, जो कई परिवार शुरुआती बजट में नहीं जोड़ते।
मेहमानों की ट्रैवल प्लानिंग
- सेव द डेट कम से कम छह महीने पहले भेजें ताकि मेहमान फ्लाइट और छुट्टी प्लान कर सकें
- नजदीकी एयरपोर्ट और होटल की जानकारी शादी की वेबसाइट पर साफ तरीके से दें
- बुजुर्ग मेहमानों के लिए ट्रांसपोर्ट और ठहरने की सुविधा अलग से सोचें
लोकल वेंडर बनाम अपने शहर से वेंडर ले जाना
लोकल कैटरर और डेकोरेटर लोकेशन को अच्छे से जानते हैं और ट्रैवल चार्ज नहीं लगता, लेकिन फोटोग्राफर और मेकअप आर्टिस्ट को अक्सर अपने भरोसेमंद टीम के साथ ले जाना बेहतर होता है। दोनों के बीच संतुलन बनाना ही असली प्लानिंग है।
फंक्शन को कैसे समेटें
डेस्टिनेशन वेडिंग में फंक्शन अपने आप कम हो जाते हैं क्योंकि सारे मेहमान एक ही जगह, कई दिनों के लिए इकट्ठा होते हैं। मेहंदी, संगीत और शादी को तीन दिन में समेटना आम बात है, जिससे अलग-अलग वेन्यू बुक करने का झंझट भी नहीं रहता।
कब बुकिंग शुरू करें
डेस्टिनेशन वेन्यू पीक सीजन के लिए एक साल पहले तक बुक हो जाते हैं। वेन्यू और वेडिंग प्लानर, दोनों को साथ में जल्दी बुक करना सबसे जरूरी पहला कदम है।
डेस्टिनेशन वेडिंग की खूबसूरती उसकी लोकेशन में नहीं, उसकी प्लानिंग में छुपी होती है। सही तैयारी के साथ यह किसी भी मेन वेडिंग से ज्यादा यादगार बन सकती है।
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